सो गयी प्रतीक्षा थक कर तब गुनगुनाते तुम आये
झुलस बिखर गए आस सुमन तब बदरी बन तुम छाये
यह महज संयोग नहीं प्रिय, हूँ सदियों से शापित मैं
चाह जिस यज्ञ से कुछ पाना बन शर्मिष्ठा हुई अर्पित मैं
छैला संदु पर बनी फिल्म को लेकर लेखक-फिल्मकार में तकरार
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मंगल सिंह मुंडा बोले, बिना उनसे पूछे उनके उपन्यास पर बना दी
गई फिल्म, भेजेंगे लिगल नोटिस जबकि निर्माता और निर्देशक का
लिखित अनुम...
10 वर्ष पहले