ए•
ए•बहुत पानी है तुम्हारे बिना और बहुत प्यास भी। बहुत निराशा है तुम्हारे बिना और बहुत आस भी। असमंजस और आश्वासन दोनों तुम्हारे बिना और तुम्हारे साथ भी।
दो
खामोशी •ी भाषा मेंबैचेनी •ी लिपि मेंउस अजन्मे रिश्ते ने•ितनी चीखें मारी•ितने •िए सवालहाय! अरसे बाद क्योंहाथ लगी वहधूल भरी •िताब औरभीतर •ा सूखा गुलाब।
पेड़ न्यूज़ : पुराना खेल, नयी चाल
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*आशीष कुमार ‘अंशु’ की कलम से *
अधिक दिन नहीं हुए, जब दिल्ली के एक राष्ट्रीय अखबार के एमडी पत्रकारों को
संबोधित करते हुए कह रहे थे कि इस बार...
1 सप्ताह पहले

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