दो छोटी •विताएं
ए•
बहुत पानी है तुम्हारे बिना
और बहुत प्यास भी।
बहुत निराशा है तुम्हारे बिना
और बहुत आस भी।
असमंजस और आश्वासन
दोनों तुम्हारे बिना
और तुम्हारे साथ भी।
दो
खामोशी •ी भाषा में
बैचेनी •ी लिपि में
उस अजन्मे रिश्ते ने
•ितनी चीखें मारी
•ितने •िए सवाल
हाय! अरसे बाद क्यों
हाथ लगी वह
धूल भरी •िताब और
भीतर •ा सूखा गुलाब।
छैला संदु पर बनी फिल्म को लेकर लेखक-फिल्मकार में तकरार
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मंगल सिंह मुंडा बोले, बिना उनसे पूछे उनके उपन्यास पर बना दी
गई फिल्म, भेजेंगे लिगल नोटिस जबकि निर्माता और निर्देशक का
लिखित अनुम...
8 वर्ष पहले
bahut achhi kavitayen. donon main hi bhavnaon ki shabdon se nikatata saaf jhalakati hai.
जवाब देंहटाएंबहुत पानी है तुम्हारे बिना
जवाब देंहटाएंऔर बहुत प्यास भी।
बहुत निराशा है तुम्हारे बिना
और बहुत आस भी।
असमंजस और आश्वासन
दोनों तुम्हारे बिना
और तुम्हारे साथ भी।
beautiful.
वाह !!!
जवाब देंहटाएंबहुत सुन्दर !!!
bahut sundar......kHoobsOOrat!
जवाब देंहटाएंबहुत खुश किस्मत हैं आप कि आपके पास वो किताब है भले ही वो धूल से ही क्यों न सनी हो क्योंकि..
जवाब देंहटाएंये जो आइने पे गुबार है
ये तेरी नज़र का फ़िसार है
जिन्हे था संवरने का हौसला
इसी आइने में संवर गए...
सौरभ कुणाल
www.syaah.blogspot.com
assistant producer
voice of india news channel